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अंतरिक्ष में खोए

लेखक:-एम मुबीन

 

 

हुनैन अपने साथियों के साथ अंतरिक्ष की यात्रा पर था

 2048 में छुटिटयों में स्कूल के बच्चे सैर सपाटे के लिए चाँद, मंगल ग्रह या फिर शुक्र ग्रह पर जाया करते थे

वह विशेष यान बीस दिनों की अंतरिक्ष यात्रा पर था प्रक़ाश की गति से भी तेज चलने वाले उस यान को धरती छोडे चार दिन ही हुए थे परंतु वह सौर मंडल के बाहर निकल गए थे

यान में कुल बीस बच्चे थे हुनैन के साथ उसका मित्र राजू बैठा हुआ था

कुछ देर पहले राजू का मोंटी से झगडा हुआ था मोंटी उनकी ही स्कूल में पढता था परंतु वह बडा ही झागडालू , घमंडी और कपटी था  ज़ो कोई यदि उस की किसी गलत बात को भी नही मानता तो वह उससे झगडा करने लगता था ऐसी ही एक गलत बात मोंटी ने कही थी जो राजू ने नहीं मानी तो उससे झगडा करने लगा

 बात मार पिट तक पहुंच गई तो हुनैन और स्कूल टीचर ने बीच बचाव किया और हुनैन राजू को अपनी सीट पर ले आया

राजू को पेशाब लगी तो वह उठकर यान के पिछले भाग में गया हुनैन ने देखा था मोंटी भी उस ओर गया था फ़िर उनके बीच कोई विवाद ना हो जाए इसलिए हुनैन भी उसके पीछे चल दिया

परंतु उसके वहां पहुंचे तक विवाद हो चुका था

अचानक मोंटी ने यान की खिडकी खोल दी और वह राजू को यान से बाहर फेंकने की कोशिश करने लगा

'मोंटी यह क्या कर रहे हा?े' राजू की सहायता को हुनैन बढा

परंतु तब तक मोंटी राजू को यान की खिडकी से बाहर फेंक चुका था हुनैन को भी उसने खिडकी के बाहर ढकेल दिया

हुनैन और राजू को लगा वे निचे गिरते जा रहे है

दूसरे ही क्षण में उन्हों ने अपने विशेष अंतरिक्ष यान के वस्त्राें में लगे गैस मास्क पहन लिए

एक क्षण में ही उनका यान उनसे लाखो मील ूदूर जा चुका था

मास्क पहन कर वे कुछ संभले तो उन्हों ने स्वंय को अंतरिक्ष में पाया

अंतरिक्ष में गुरुत्व तो नही होता है वहां आदमी इस प्रकार चल फिर सकता है जिस प्रंकार धरती पर लोग सडकों पर चलते हैं

अंतरिक्ष में दूर दूर तक प्रकाश ही प्रकाश फैला हुआ था पूरे आकाश में छोटे छोटे तारे झिलमिला रहे थे वे किसी समीप के ग्रह से भी शायद करोडों मिल दूर  थे

''हुनैन यह कया हो गया? हम तो अंतरिक्ष में गिर गए हैं, यहां से ना तो हम धरती पर जासकते हैं  ना कोई हमारी सहायता को यहां तक आ सकता है हमरे पास एक मास की ओकसीजन खाना पीना है हम एक महीने तक यहां पर जिंदा रहेगे ,फिर तडप तडप के मर जाएगे''  राजू रूहांसे  स्वर में बोला

'तुम धैर्य रखो राजू' हुनैन बोला 'हमारे पास संपर्क के लिए ट्ररान्स मिटर भी तो है हम दोनो  इनसे  धरती से संपर्क करने का प्रयत्न करेगे और अपनी बिपता सुनाएगे शायद कोई हमारी सहायता को आ जाए ''

'आंभव हुनैन' राजू बोला ''हमारा संदेश धरती पर पहुंच भी गया तो कोई हमारी सहायता को नही आएगा हम उन्हें बता ही नही पाएंगे कि हम अंतरिक्ष में कहां अटके हुए हैं फ़िर भला इतने बडे ब्राहमांड में हमे कोई कैसे खोज सकता हैं ?''

राजू का कहना सच था

वे केवल एक मास तक जिंदा रह सकते थे जब तक उनके पास हवा अैर भेजन हैं उसके बाद बचना मुश्किल था

जो यान अंतरिक्ष में यात्रा करते थे उनके यात्रियों को ऐसे कपडे पहना दिये जाते थे जिस में एक मास का भोजन हवा और संपर्क के लिए ट्ररान्समिटर हो ताकि यदि यान को कोई दुर्घटना हो जाए तो उसके यात्रि कम से कम एक मास तक अंतरिक्ष में जिंदा रहे और उन्हें खोज कर उनकी जान बचाई जा सके

उनके कपडों में जो ट्ररान्समिटर लगे थे वे उसी के सहारे बातें कर रहे थे वरना अंतरिक्ष में हवा तो नही होती है जरो आवाज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाए

दोनो धरती से संपर्क बनाने का प्रयत्न करने लगे परंतु उनका धरती से संपर्क नही हो पा रहा था

दो दिन तक प्रयत्न के बाद भी ना तो उनका धरती से कोई संपर्क हो सका ना ही अंतरिक्ष में यात्रा करते किसी यान से

वे निराश होकर बैठ गए

'राजू निराश होने की जरुरत नही' अब हम अंतरिक्ष में बसने वाले अन्य जिवों से संपर्क स्थापित करने की कोशीश करते हैं शायाद कोई रास्ता निकले'' क़हते हुनैन ने संपर्क स्थापित करने कोशीश की

ट्ररान्समिटर पर विचित्र बोलियों में कई संदेश आ रहे थे ट्ररान्समिटर में यह योगयता थी कि अंतरिक्षमें बोली जाने वाली सारी बोलीयों को वह मात्रृ भाषा में सुना सकता था और उनकी मात्रृ भाषाका संदेश अंतरिक्ष की सभी बोलियों में प्रसारित कर सकता था

अचानक उन्हें एक संदेश सुनाई देने लगा

'हेलो राजा के वी हम अणुशक्ति केंद्र से बोल रहें है इस केंद्र का संचालन करने हम धरती से जो आदमी लाए थे वह मर गया है इस केंद्र कां संचालन करने के सभी संदेश उसने अपने कंप्यूटर पर धरती की किसी भाषा में संग्रहित कर रखे है जिन्हें हम नही पढ पा रहे हैं और केंद्र का संचालन करना  कठिन हो रहा है यदि जल्द कोई रास्ता नही निकाला तो इस केंद्र से हमारे ग्रह को जो र्उजा मिलती ह ैवह  मिलनी बंद हो जाएगी और घोर संकट पैदा हो जाएगा'

'यह तो बडे संकट की बात है कोई रास्ता निकालो नहीं तो हमारा ग्रह संकट में आ जाएगा' राजा के वी का उत्तर था

'धरती पर जा कर किसी भी आदमी को लाने में महीनों लग जाएगे तब तक तो सब कुछ नष्ट हो जाएगा'

'कुछ भी करो कोई रास्ता निकालों' कह कर संदेश बंद हो गया

दोनों ने उस संदेश से अनुमान लगा लिया कि वे लोग किस प्रकार के संकट में फसं हुए है 

अचानक कुछ सोचते हुए दोनों चौंक पडे

'राजू में जो सोच रहा हुं कया तुम भी वही तो नहीं सोच रहे हो?' हुनैन ने पूछा

'हां हुनैन हम इन लोगों की सहायता कर सकते है कंप्यूटर में जो जानकारी संग्रहित है उस की सहायता से हम उस केंद्र का संचालन कर के उन लागों की सहायता कर सकते हैं बदले में वे हमें यहां से निकाल कर धरती पर पहुंचा सकते है ''

''तुरंत उनसे संपर्क स्थापित करने का प्रयत्न करो'' हुनैन बोला और राजू राजा के वी से संर्पक् स्थापित करने का प्रयत्न करने लगा

संपर्क स्थापित हो गया तो उन्हों ने उन्हें बता दिया कि वे किसी तरह उन की सहायता कर सकते हैं यदि वे अंतरिक्ष में उन्हें ढूंढ कर उन तक पहुंच सकते है

'आप के ट्ररान्समिटर से आने वाले संकेतो के सहारे हम आप लोगों तक पहुच जाएगे संकेत जिस गति से यहां पहुंच रहे है उसके अनुसार हमे आप लोगो तक पहुंचने में आठ दिन लगेंगे'

'तो जल्दी आइए हम आप का इंतेजार कर रहें हैं 'दोनों बोलें

 सातवें दिन एक यान उनके पास पहुंचा वे दूसरी दुनिया के वासी थे वे उन्हें अपने ग्रह के अनुकेंद्र ले गए

उस केंद्र के संचालन का मार्गदर्शन कंप्यूटर में था उस जानकारी के अनुसार उन्होंने केंद्र का संचालन किया और संचालन करना सिखाया

एक मास में वे लोग उस केंद्र का संचालन करने के योगय हो गए तो कृतज्ञता  जाते ढेर सारे उपहारों के साथ उन्होंने विशेष यान से वापस धरती पर भेज दिया

इस प्रकार दोनों अपनी सूझबूझ से एक एैसी जगह से भी वापस आगए जहां से वापसी असंभव थी

-----------समाप्त--------------------

 

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